भारत में Chaitra Navratri 2027 बुधवार, 7 अप्रैल से शुरू होकर गुरुवार, 15 अप्रैल तक चलेगी। नई दिल्ली में घटस्थापना का शुभ समय सुबह 6:05 से 7:26 बजे तक है। दुर्गा अष्टमी 14 अप्रैल और राम नवमी 15 अप्रैल को मनाई जाएगी।

इस लेख में चैत्र नवरात्रि 2027 की start date, नौ दिनों का calendar, घटस्थापना मुहूर्त, अष्टमी-नवमी, कन्या पूजन, व्रत और घर पर सरल पूजा विधि की जानकारी दी गई है।
Chaitra Navratri 2027 Quick Answer
अगर आप केवल यह जानना चाहते हैं कि 2027 में चैत्र नवरात्रि कब है, तो इसका सीधा जवाब नीचे है:
| सवाल | जवाब |
|---|---|
| चैत्र नवरात्रि 2027 कब शुरू होगी? | 7 अप्रैल 2027, बुधवार |
| चैत्र नवरात्रि कब तक है? | 15 अप्रैल 2027, गुरुवार |
| दुर्गा अष्टमी कब है? | 14 अप्रैल 2027, बुधवार |
| राम नवमी कब है? | 15 अप्रैल 2027, गुरुवार |
| नई दिल्ली घटस्थापना मुहूर्त | सुबह 6:05 से 7:26 बजे |
Chaitra Navratri 2027 Date in India
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है। साल 2027 में प्रतिपदा तिथि 7 अप्रैल की सुबह शुरू होगी, इसलिए भारत में नवरात्रि का पहला दिन बुधवार, 7 अप्रैल को रहेगा। नौवां दिन गुरुवार, 15 अप्रैल को राम नवमी के साथ पूरा होगा।
इसी तिथि पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों में गुड़ी पड़वा और उगादी जैसे नववर्ष पर्व भी मनाए जाते हैं। हालांकि विदेशों या अलग समय-क्षेत्र वाले स्थानों में स्थानीय सूर्योदय के कारण तारीखों में अंतर दिखाई दे सकता है। भारत के भीतर भी पूजा का exact मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है।
Chaitra Navratri 2027 Dates: नौ दिनों का Calendar
Chaitra Navratri 2027 dates in India को दिन, तिथि और देवी के स्वरूप के साथ इस table में देख सकते हैं:
| दिन | तारीख और वार | तिथि | देवी और मुख्य पूजा |
|---|---|---|---|
| 1 | 7 अप्रैल, बुधवार | प्रतिपदा | घटस्थापना, मां शैलपुत्री |
| 2 | 8 अप्रैल, गुरुवार | द्वितीया | मां ब्रह्मचारिणी |
| 3 | 9 अप्रैल, शुक्रवार | तृतीया | मां चंद्रघंटा |
| 4 | 10 अप्रैल, शनिवार | चतुर्थी | मां कूष्मांडा |
| 5 | 11 अप्रैल, रविवार | पंचमी | मां स्कंदमाता |
| 6 | 12 अप्रैल, सोमवार | षष्ठी | मां कात्यायनी |
| 7 | 13 अप्रैल, मंगलवार | सप्तमी | मां कालरात्रि |
| 8 | 14 अप्रैल, बुधवार | अष्टमी | दुर्गा अष्टमी, मां महागौरी और संधि पूजा |
| 9 | 15 अप्रैल, गुरुवार | नवमी | मां सिद्धिदात्री, राम नवमी और पारण |
हर दिन मां दुर्गा के एक स्वरूप की पूजा की जाती है। पूजा, भोग और व्रत की विधि परिवार, क्षेत्र और संप्रदाय के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी एक विधि को सभी भक्तों के लिए अनिवार्य नहीं मानना चाहिए।
Chaitra Navratri 2027 Ghatasthapana Muhurat
चैत्र नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना की जाती है, जिसे घटस्थापना भी कहा जाता है। नई दिल्ली के लिए 7 अप्रैल 2027 को घटस्थापना मुहूर्त सुबह 6:05 बजे से 7:26 बजे तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 1 घंटा 21 मिनट है।
प्रतिपदा तिथि 7 अप्रैल को सुबह 5:20 बजे शुरू होकर 8 अप्रैल को सुबह 4:28 बजे समाप्त होगी। यह समय New Delhi के लिए है। दूसरे शहर में सूर्योदय और स्थानीय पंचांग गणना के कारण मुहूर्त कुछ मिनट बदल सकता है। इसलिए दिल्ली का समय पूरे भारत के लिए universal न मानें और अपने शहर का Panchang भी जांच लें।

घटस्थापना का समय स्थान के अनुसार बदल सकता है।
चैत्र नवरात्रि 2027 की अष्टमी और नवमी कब है?
Chaitra Navratri 2027 Ashtami date बुधवार, 14 अप्रैल है। इस दिन दुर्गा अष्टमी और मां महागौरी की पूजा की जाएगी। नई दिल्ली में संधि पूजा का समय दोपहर 2:59 से 3:47 बजे तक रहेगा। संधि पूजा का समय भी स्थान के अनुसार बदल सकता है।
नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को है। इसी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा, राम नवमी और नवरात्रि पारण होगा। कई परिवार अष्टमी को कन्या पूजन करते हैं, जबकि कुछ परिवार नवमी को करते हैं। दोनों परंपराएं प्रचलित हैं, इसलिए अपनी पारिवारिक या धार्मिक परंपरा का पालन करना उचित है।
व्रत का पारण 15 अप्रैल को स्थानीय पंचांग और परिवार की परंपरा के अनुसार करें। बिना city-specific calculation के पूरे भारत के लिए एक exact पारण समय देना सही नहीं होगा।
घर पर सरल घटस्थापना और पूजा विधि
चैत्र नवरात्रि की पूजा श्रद्धा और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार की जा सकती है। घर पर सामान्य पूजा के लिए कलश, नारियल, आम या अशोक के पत्ते, लाल वस्त्र, दीपक, फूल, रोली, अक्षत, फल और सात्त्विक भोग रखा जा सकता है। सभी सामग्री उपलब्ध न हो तो भी सामान्य पूजा की जा सकती है।
सरल पूजा के चरण
- सुबह स्नान करके पूजा स्थान को साफ करें और चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं।
- अपनी परंपरा के अनुसार जल से भरा कलश स्थापित करें और उस पर नारियल रखें।
- मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करके दीप और धूप जलाएं।
- रोली, अक्षत, फूल, फल और उपलब्ध सात्त्विक भोग अर्पित करें।
- दुर्गा चालीसा, दुर्गा आरती या अपने परिचित मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
- नौ दिनों तक नियमित पूजा, संयम और सात्त्विक आचरण रखने का प्रयास करें।
किसी विशेष मंत्र, सामग्री या विस्तृत अनुष्ठान को हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं माना जाना चाहिए। घर की परंपरा अलग हो तो उसी के अनुसार पूजा करें।
Chaitra Navratri Vrat में क्या खाएं?
नवरात्रि में कई भक्त पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, जबकि कुछ केवल प्रतिपदा, अष्टमी या नवमी का व्रत करते हैं। व्रत का तरीका परिवार और स्वास्थ्य के अनुसार अलग हो सकता है।
फलाहार में फल, दूध, दही, मखाना, साबूदाना, आलू, सामक के चावल और कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से बनी चीजें ली जा सकती हैं। अपने घर की व्रत परंपरा के अनुसार सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। पर्याप्त पानी लेना भी जरूरी है।

नवरात्रि व्रत में फल, दूध, दही, साबूदाना, मखाना, सामक और कुट्टू जैसे फलाहार लिए जा सकते हैं।
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, diabetes या अन्य medical condition वाले लोगों को कठोर या निर्जला व्रत नहीं रखना चाहिए। नियमित दवा लेने वाले व्यक्ति व्रत से पहले अपने doctor की सलाह लें। व्रत का उद्देश्य शरीर को नुकसान पहुंचाना नहीं है।
चैत्र नवरात्रि का धार्मिक महत्व
चैत्र नवरात्रि वसंत ऋतु में आती है और इसे हिंदू नववर्ष की शुरुआत से जुड़ा माना जाता है। नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना की जाती है। भक्त पूजा, व्रत, भजन और सात्त्विक जीवन के माध्यम से शक्ति, संयम और सकारात्मकता की कामना करते हैं।
इस नवरात्रि का नौवां दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव राम नवमी के रूप में मनाया जाता है। इसी कारण चैत्र नवरात्रि को राम नवरात्रि भी कहा जाता है। महाराष्ट्र में इसकी शुरुआत गुड़ी पड़वा और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में उगादी या युगादी के साथ होती है। ये एक ही तरह के अनुष्ठान नहीं हैं, बल्कि समान lunar date से जुड़े अलग regional पर्व हैं।
Chaitra Navratri और Sharad Navratri में अंतर
| आधार | चैत्र नवरात्रि | शारदीय नवरात्रि |
|---|---|---|
| समय | मार्च या अप्रैल, वसंत ऋतु | सितंबर या अक्टूबर, शरद ऋतु |
| शुरुआत | चैत्र शुक्ल प्रतिपदा | आश्विन शुक्ल प्रतिपदा |
| अंतिम प्रमुख पर्व | राम नवमी | विजयादशमी या दशहरा |
| सामान्य पूजा | मां दुर्गा के नौ स्वरूप | मां दुर्गा के नौ स्वरूप |
दोनों नवरात्रियों में Navdurga पूजा की परंपरा है, लेकिन इनका season और अंतिम प्रमुख पर्व अलग होता है। चैत्र नवरात्रि का संबंध राम नवमी से और शारदीय नवरात्रि का संबंध दशहरा से है।
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चैत्र नवरात्रि 2027 FAQs
2027 में चैत्र नवरात्रि कब है?
भारत में चैत्र नवरात्रि बुधवार, 7 अप्रैल 2027 से शुरू होकर गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 तक चलेगी।
चैत्र नवरात्रि 2027 कब से कब तक है?
यह 7 अप्रैल से 15 अप्रैल तक है। पहले दिन घटस्थापना और अंतिम दिन राम नवमी तथा नवरात्रि पारण होगा।
Chaitra Navratri 2027 start date क्या है?
चैत्र नवरात्रि 2027 की start date बुधवार, 7 अप्रैल है। नई दिल्ली में घटस्थापना का शुभ समय सुबह 6:05 से 7:26 बजे तक है।
चैत्र नवरात्रि 2027 की अष्टमी कब है?
दुर्गा अष्टमी बुधवार, 14 अप्रैल 2027 को है। नई दिल्ली में संधि पूजा दोपहर 2:59 से 3:47 बजे तक होगी।
चैत्र नवरात्रि 2027 की नवमी कब है?
नवमी और राम नवमी गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 को है। इसी दिन नवरात्रि पारण भी किया जाएगा।
कन्या पूजन अष्टमी या नवमी को करना चाहिए?
कई परिवार अष्टमी और कई नवमी को कन्या पूजन करते हैं। दोनों परंपराएं प्रचलित हैं। अपनी पारिवारिक या धार्मिक परंपरा का पालन करें।
When is Chaitra Navratri in 2027?
Chaitra Navratri in India begins on Wednesday, April 7, 2027, and concludes on Thursday, April 15, 2027. Durga Ashtami is on April 14 and Ram Navami is on April 15.
निष्कर्ष
Chaitra Navratri 2027 भारत में 7 से 15 अप्रैल तक मनाई जाएगी। नई दिल्ली में घटस्थापना 7 अप्रैल को सुबह 6:05 से 7:26 बजे तक की जा सकती है। दुर्गा अष्टमी 14 अप्रैल और राम नवमी 15 अप्रैल को है। पूजा और व्रत अपने स्वास्थ्य, शहर के पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार करें।
स्रोत और तथ्य-जांच
Last fact-checked: 20 September 2026
