भारत में Basant Panchami 2027 गुरुवार, 11 फरवरी को मनाई जाएगी। नई दिल्ली में सरस्वती पूजा का शुभ समय सुबह 7:03 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा। पंचमी तिथि 11 फरवरी को सुबह 3:04 बजे शुरू होकर 12 फरवरी को सुबह 3:18 बजे समाप्त होगी। विवाह की योजना बना रहे लोगों के लिए नई दिल्ली का पंचांग-आधारित विवाह मुहूर्त 11 फरवरी को सुबह 7:03 बजे से रात 11:30 बजे तक है।

Basant Panchami को Vasant Panchami, Saraswati Puja और श्री पंचमी भी कहा जाता है। यह मां सरस्वती की पूजा और बसंत ऋतु के स्वागत से जुड़ा पर्व है।
Quick Answer: पर्व की तारीख 11 फरवरी, गुरुवार है। नई दिल्ली में सरस्वती पूजा मुहूर्त 7:03 AM से 12:36 PM और पंचमी तिथि 11 फरवरी 3:04 AM से 12 फरवरी 3:18 AM तक रहेगी।
इस लेख में
- सही तारीख, तिथि और पूजा मुहूर्त
- विवाह का शुभ समय
- महत्व और पूजा विधि
- विद्यार्थियों एवं बच्चों के लिए जानकारी
- छुट्टी और सामान्य प्रश्न
Basant Panchami 2027 date and time
नीचे दिए गए समय नई दिल्ली के लिए हैं:
| विवरण | तारीख और समय |
|---|---|
| Basant Panchami 2027 date | गुरुवार, 11 फरवरी 2027 |
| सरस्वती पूजा मुहूर्त | सुबह 7:03 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक |
| पूजा मुहूर्त की अवधि | 5 घंटे 33 मिनट |
| पंचमी तिथि प्रारंभ | 11 फरवरी 2027, सुबह 3:04 बजे |
| पंचमी तिथि समाप्त | 12 फरवरी 2027, सुबह 3:18 बजे |
| विवाह मुहूर्त | 11 फरवरी, सुबह 7:03 बजे से रात 11:30 बजे तक |
ध्यान दें: ये समय नई दिल्ली के अनुसार हैं। सूर्योदय और स्थानीय पंचांग के कारण दूसरे शहरों में पूजा या विवाह के समय में कुछ अंतर हो सकता है। अपने शहर का पंचांग अवश्य जांचें।

बसंत पंचमी की तारीख 11 फरवरी ही क्यों है?
हिंदू पंचांग के अनुसार बसंत पंचमी माघ शुक्ल पंचमी पर मनाई जाती है। तारीख तय करते समय देखा जाता है कि पंचमी तिथि संबंधित सुबह या पूर्वाह्न में मौजूद है या नहीं।
नई दिल्ली में पंचमी तिथि 11 फरवरी की सुबह 3:04 बजे शुरू होकर 12 फरवरी की सुबह 3:18 बजे समाप्त होगी। इसलिए 11 फरवरी की सुबह और पूर्वाह्न में पंचमी तिथि मौजूद रहेगी और मुख्य पूजा गुरुवार, 11 फरवरी 2027 को की जाएगी।
सरस्वती पूजा मुहूर्त 2027
नई दिल्ली में सरस्वती पूजा का शुभ समय सुबह 7:03 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक है। इस प्रकार पूजा के लिए कुल 5 घंटे 33 मिनट का समय मिलेगा। परंपरा के अनुसार पूजा पूर्वाह्न में और पंचमी तिथि के दौरान करना उचित माना जाता है।
सभी सामग्री, विशेष मंत्र या विस्तृत अनुष्ठान अनिवार्य नहीं हैं। अपनी पारिवारिक परंपरा और उपलब्ध सामग्री के अनुसार पूजा की जा सकती है।
बसंत पंचमी 2027 विवाह मुहूर्त
नई दिल्ली में 11 फरवरी को विवाह का शुभ समय सुबह 7:03 बजे से रात 11:30 बजे तक है। यह सरस्वती पूजा मुहूर्त से अलग है, जो दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा।
कई परंपराओं में इसे अबूझ मुहूर्त माना जाता है। फिर भी विवाह का अंतिम समय शहर, पारिवारिक मान्यता और वर-वधू की कुंडली के अनुसार पंडित से जांचकर ही तय करें।

बसंत पंचमी का महत्व
बसंत पंचमी ज्ञान, वाणी, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व है। विद्यार्थी पुस्तकें एवं कलम और कलाकार अपने वाद्ययंत्र पूजा स्थान के पास सम्मानपूर्वक रख सकते हैं।
यह पर्व बसंत ऋतु के स्वागत से भी जुड़ा है। सरसों के फूलों के कारण पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है। लोग पीले फूल, वस्त्र और केसरिया चावल या हलवा शामिल कर सकते हैं, लेकिन इनमें से कुछ भी अनिवार्य नहीं है।
घर पर सरल सरस्वती पूजा विधि
पूजा सामग्री
| सामग्री | उपयोग |
|---|---|
| मां सरस्वती की तस्वीर या प्रतिमा | मुख्य पूजा के लिए |
| दीपक और धूप | पूजा के लिए |
| सफेद या पीले फूल | अर्पित करने के लिए |
| अक्षत और चंदन | तिलक एवं अर्पण के लिए |
| फल या मिठाई | भोग के लिए |
| जल | पूजा के लिए |
| पुस्तक, कलम या वाद्ययंत्र | विद्या और कला के प्रतीक के रूप में |
सभी सामग्री उपलब्ध न हो तो भी श्रद्धा से पूजा की जा सकती है।
पूजा करने का सरल तरीका
- स्नान के बाद पूजा स्थान साफ करके मां सरस्वती की तस्वीर या प्रतिमा रखें।
- दीपक जलाकर चंदन, अक्षत और फूल अर्पित करें।
- फल, मिठाई या पारिवारिक परंपरा के अनुसार प्रसाद का भोग लगाएं।
- पुस्तक, कलम या वाद्ययंत्र साफ करके पास रखें। ऐसी सामग्री न लगाएं जिससे सामान खराब हो।
- सरस्वती वंदना या परिचित प्रार्थना करें; कोई एक मंत्र अनिवार्य नहीं है।
- आरती करके प्रसाद बांटें।

बच्चों और विद्यार्थियों के लिए क्या करें?
कई परिवार इस दिन बच्चों का विद्यारंभ या अक्षर अभ्यास कराते हैं। बच्चे से पहला अक्षर लिखवाना, पुस्तक पढ़ाना या नया शैक्षिक लक्ष्य तय करना उपयोगी गतिविधियां हो सकती हैं।
कुछ क्षेत्रों में पूजा के दौरान न पढ़ने की परंपरा है, लेकिन यह सार्वभौमिक नियम नहीं है। ज्ञान और सीखने के प्रति सम्मान रखना पर्व का मुख्य संदेश है।
क्या Basant Panchami पर पूरे भारत में छुट्टी होती है?
बसंत पंचमी पूरे भारत में अनिवार्य राष्ट्रीय अवकाश नहीं है। छुट्टी राज्य, स्कूल, विश्वविद्यालय या नियोक्ता के अनुसार बदल सकती है। यात्रा या परीक्षा से पहले संबंधित संस्था का आधिकारिक calendar जांचें।
Basant Panchami और Vasant Panchami में क्या अंतर है?
Basant Panchami और Vasant Panchami एक ही पर्व के दो प्रचलित नाम हैं। इसे Saraswati Puja और Shri Panchami भी कहा जाता है।
यह भी पढ़ें
Basant Panchami 2027 FAQs
बसंत पंचमी 2027 कब है?
भारत में बसंत पंचमी गुरुवार, 11 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी।
When is Basant Panchami in 2027 in India?
Basant Panchami in India will be observed on Thursday, February 11, 2027. It is also called Vasant Panchami and Saraswati Puja.
2027 में बसंत पंचमी किस दिन है?
यह पर्व Thursday यानी गुरुवार को है।
पंचमी तिथि कब से कब तक है?
नई दिल्ली में पंचमी तिथि 11 फरवरी सुबह 3:04 बजे से 12 फरवरी सुबह 3:18 बजे तक है। अन्य शहरों में समय बदल सकता है।
सरस्वती पूजा का शुभ समय क्या है?
नई दिल्ली में पूजा मुहूर्त सुबह 7:03 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक है।
बसंत पंचमी पर विवाह मुहूर्त क्या है?
नई दिल्ली में विवाह मुहूर्त सुबह 7:03 बजे से रात 11:30 बजे तक है। अंतिम समय स्थानीय पंचांग और कुंडली के अनुसार जांचें।
निष्कर्ष
Basant Panchami 2027 गुरुवार, 11 फरवरी को है। नई दिल्ली में सरस्वती पूजा का शुभ समय सुबह 7:03 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक और विवाह मुहूर्त सुबह 7:03 बजे से रात 11:30 बजे तक रहेगा। समय शहर के अनुसार बदल सकता है, इसलिए किसी बड़े अनुष्ठान या विवाह की अंतिम योजना स्थानीय पंचांग और पारिवारिक परंपरा के अनुसार बनाएं।
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स्रोत
- नई दिल्ली के लिए Basant Panchami 2027 पूजा मुहूर्त और पंचमी तिथि
- नई दिल्ली के लिए 2027 विवाह मुहूर्त
- Vasant Panchami 2027 date in India
Last fact-checked: 14 September 2026

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