Jagannath Rath Yatra 2027 सोमवार, 5 जुलाई 2027 को पुरी में मनाई जाएगी। यह पवित्र यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को निकाली जाती है। इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ अलग-अलग रथों पर श्री जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर की ओर जाते हैं।
2027 के detailed procession timings अभी official program में घोषित नहीं हुए हैं। इसलिए द्वितीया तिथि के समय को रथ चलने का निश्चित समय न समझें। इस लेख में सही तारीख, तिथि, पूरी festival timeline, तीनों रथ और पुरी जाने वालों के लिए जरूरी जानकारी दी गई है।

पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा का प्रतीकात्मक चित्र
Jagannath Rath Yatra 2027 Quick Answer
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| मुख्य रथ यात्रा | 5 जुलाई 2027 |
| दिन | सोमवार |
| तिथि | आषाढ़ शुक्ल द्वितीया |
| द्वितीया प्रारंभ | 5 जुलाई 2027, लगभग सुबह 4:51 बजे |
| द्वितीया समाप्त | 6 जुलाई 2027, लगभग रात 1:13 बजे |
| स्थान | पुरी, ओडिशा |
| Official procession time | विस्तृत कार्यक्रम जारी होना बाकी |
पंचांग का समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट बदल सकता है। ऊपर दिया गया समय उपलब्ध India-based Panchang references पर आधारित है। अपने शहर में पूजा या स्थानीय रथ यात्रा के लिए local Panchang और organizer की official सूचना देखें।
Jagannath Rath Yatra 2027 Date and Tithi
Jagannath Rath Yatra 2027 date 5 जुलाई, सोमवार है। हिंदू पंचांग के अनुसार यह पर्व आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। उपलब्ध पंचांग गणना में द्वितीया 5 जुलाई को सुबह लगभग 4:51 बजे शुरू होकर 6 जुलाई को रात लगभग 1:13 बजे समाप्त होगी।
यह समय केवल तिथि की अवधि बताता है। Pahandi, Chhera Pahanra और रथ खींचने जैसी मंदिर की रस्मों का exact time अलग official programme में घोषित किया जाता है। Festival के करीब Puri administration या Shree Jagannath Temple से जारी सूचना जरूर जांचें।
Puri Jagannath Rath Yatra 2027 की मुख्य dates
Main Rath Yatra एक दिन होती है, लेकिन भगवान जगन्नाथ की यात्रा और वापसी से जुड़ा धार्मिक क्रम कई दिनों तक चलता है। इसीलिए jagannath rath yatra 2027 dates खोजने पर एक से अधिक तारीखें दिखाई दे सकती हैं।
| आयोजन | 2027 की तारीख | स्थिति |
|---|---|---|
| गुंडिचा मार्जन | 4 जुलाई | परंपरागत रूप से यात्रा से एक दिन पहले |
| मुख्य रथ यात्रा | 5 जुलाई, सोमवार | पंचांग तिथि निश्चित |
| हेरा पंचमी | 9 जुलाई | पारंपरिक क्रम के आधार पर |
| बहुदा/वापसी यात्रा | 13 जुलाई | पंचांग-आधारित तारीख; official timing बाकी |
| सुना बेशा | 14 जुलाई | वापसी के अगले दिन की परंपरा; official timing बाकी |
इस table में दी गई बाद की dates पारंपरिक festival sequence और उपलब्ध पंचांग पर आधारित हैं। Daily rituals का final समय मंदिर प्रशासन की 2027 schedule आने के बाद ही निश्चित माना जाना चाहिए।
जगन्नाथ रथ यात्रा क्या है?
पुरी की रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा श्रीमंदिर से निकलकर विशाल रथों पर गुंडिचा मंदिर जाते हैं। धार्मिक परंपरा में गुंडिचा मंदिर को भगवान की मौसी का घर भी कहा जाता है। तीनों देवता वहां कुछ दिन विराजमान रहते हैं और फिर बहुदा यात्रा के माध्यम से श्रीमंदिर लौटते हैं।
यह पर्व इसलिए भी विशेष माना जाता है क्योंकि इस अवसर पर भगवान मंदिर से बाहर आकर सभी भक्तों को दर्शन देते हैं। देश के कई शहरों में स्थानीय रथ यात्राएं आयोजित होती हैं, लेकिन इस लेख की मुख्य तारीख और timeline पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 के संदर्भ में है।
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन रथ
यात्रा के लिए तीनों देवताओं के अलग-अलग रथ तैयार किए जाते हैं। उनके नाम और पारंपरिक रंग इस प्रकार हैं:
| देवता | रथ का नाम | पारंपरिक रंग |
|---|---|---|
| भगवान जगन्नाथ | नंदीघोष | लाल और पीला |
| भगवान बलभद्र | तालध्वज | लाल और हरा |
| देवी सुभद्रा | दर्पदलन/देवदलन | लाल और काला |
रथ श्री जगन्नाथ मंदिर के सामने स्थित बड़ा डांडा से गुंडिचा मंदिर की ओर बढ़ते हैं। भीड़ और धार्मिक रस्मों के कारण यात्रा कई घंटों तक चल सकती है। इसे किसी सामान्य parade की निश्चित timing से compare नहीं करना चाहिए।

भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के तीन पारंपरिक रथ
Puri Rath Yatra की प्रमुख रस्में
- पाहांडी बीजे: भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को लयबद्ध ढंग से मंदिर से बाहर लाकर उनके रथों पर विराजमान कराया जाता है।
- छेरा पहंरा: पुरी के गजपति महाराज सोने की मूठ वाली झाड़ू से रथों के मंच को साफ करते हैं। यह भगवान के सामने समानता और सेवा का प्रतीक माना जाता है।
- गुंडिचा यात्रा: तीनों रथ बड़ा डांडा से गुंडिचा मंदिर की ओर जाते हैं, जहां देवता कुछ दिनों तक विराजमान रहते हैं।
- हेरा पंचमी: परंपरा के अनुसार देवी लक्ष्मी भगवान जगन्नाथ को देखने गुंडिचा मंदिर की ओर जाती हैं।
- बहुदा यात्रा: देवताओं की गुंडिचा मंदिर से श्रीमंदिर की वापसी को बहुदा या उल्टा रथ कहा जाता है।
- सुना बेशा: वापसी के बाद तीनों देवताओं को स्वर्ण आभूषणों से सजाकर विशेष दर्शन कराया जाता है।
घर से जगन्नाथ रथ यात्रा कैसे मनाएं?
पुरी जाना संभव न हो तो श्रद्धालु घर पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की तस्वीर या प्रतिमा के सामने सरल पूजा कर सकते हैं। स्थान साफ करके दीपक जलाएं, फूल और तुलसी अर्पित करें तथा परिवार की परंपरा के अनुसार फल, खिचड़ी या अन्य सात्त्विक भोग लगाएं।
इसके बाद “ॐ नमो भगवते जगन्नाथाय” मंत्र का स्मरण, भजन या आरती की जा सकती है। किसी विशेष मंत्र, व्रत या सामग्री को सभी भक्तों के लिए अनिवार्य मानना उचित नहीं है। श्रद्धा और अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार पूजा करें।
2027 में Puri जाने वालों के लिए जरूरी tips
रथ यात्रा के दौरान पुरी में बहुत अधिक भीड़ होती है। यात्रा की योजना बना रहे हैं तो accommodation और transport कई महीने पहले book करना बेहतर होगा। बड़ा डांडा के आसपास traffic diversion, parking restrictions और सुरक्षा व्यवस्था लागू हो सकती है।
बच्चों, बुजुर्गों और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले लोगों के लिए सबसे घनी भीड़ में जाना कठिन हो सकता है। कम भीड़ वाला viewing point चुनें और परिवार से अलग होने की स्थिति के लिए meeting point पहले तय करें। जुलाई में बारिश और उमस संभव है, इसलिए पानी, हल्के कपड़े, rain protection और आवश्यक medicines साथ रखें।
Route, parking, दर्शन व्यवस्था, public transport और live telecast की जानकारी festival के करीब केवल Puri district administration, Odisha Tourism या temple administration की official सूचना से check करें।

रथ यात्रा के दौरान पुरी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, प्रतीकात्मक चित्र
Jagannath Rath Yatra 2027 FAQs
जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 कब है?
जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 सोमवार, 5 जुलाई 2027 को मनाई जाएगी। मुख्य आयोजन पुरी, ओडिशा में होगा।
जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 की तारीख क्या है?
इसकी तारीख 5 जुलाई 2027 है। यह पर्व आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को मनाया जाता है। द्वितीया तिथि लगभग 5 जुलाई सुबह 4:51 बजे से 6 जुलाई रात 1:13 बजे तक रहेगी।
पुरी जगन्नाथ रथ यात्रा 2027 कब है?
Puri Jagannath Rath Yatra 2027 की मुख्य तारीख 5 जुलाई, सोमवार है। रथों की रस्मों और procession का exact time official 2027 programme जारी होने के बाद ही confirm होगा।
When is Jagannath Rath Yatra 2027?
Jagannath Rath Yatra 2027 will be celebrated on Monday, July 5, 2027, in Puri, Odisha.
क्या जगन्नाथ रथ यात्रा केवल एक दिन की होती है?
मुख्य रथ यात्रा 5 जुलाई को है, लेकिन गुंडिचा यात्रा, हेरा पंचमी, बहुदा यात्रा और सुना बेशा सहित पूरा religious cycle कई दिनों तक चलता है।
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निष्कर्ष
Jagannath Rath Yatra 2027 सोमवार, 5 जुलाई 2027 को है। यह पुरी में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की गुंडिचा मंदिर यात्रा का प्रमुख दिन होगा। द्वितीया तिथि और main date निश्चित हैं, लेकिन procession और daily rituals का exact समय official 2027 schedule आने के बाद दोबारा जांचें।
Sources
- Odisha Tourism: The Glorious Rath Jatra
- Odisha Tourism: Rath Yatra event overview
- Drik Panchang: 2027 Ratha Yatra
Last fact-checked: 25 सितंबर 2026
